प्र0 1- राष्ट्रीय विकलांगता वित्त एवं विकास निगम का उद्देश्य क्या है?
उ0- राष्ट्रीय विकलांगता वित्त एवं विकास निगम का उद्देश्य देश में विकलांग व्यक्तियों को आर्थिक रुप से सशक्त बनाना है।
प्र0 2- ऋण लेने के लिए कौन पात्र हैं?
उ0- कोई भी भारतीय नागरिक जो कम से कम 40 प्रतिशत अथवा अधिक विकलांग हो, आयु 18 से 60 के बीच हो, वार्षिक आय शहरों के लिए 2,00,000/- रुपये (एक लाख रुपये केवल) प्रति वर्ष से कम हो 160,000/- रुपये (अस्सी हजार रुपये केवल) प्रति वर्ष हो साथ ही संगत शैक्षिक/तकनीकी/ व्यवसायिक अहर्ता/अनुभव पृष्ठभूमि हो।
प्र0 3- फाइनांसिंग की स्कीमें क्या हैं और ऋण की अधिकतम धनराशि क्या है?
उ0- एन एच एफ डी सी की स्कीमें निम्न प्रकार से है :
1) सेवा/व्यापार क्षेत्र में छोटा व्यवसाय स्थापित करने के लिए 3-00 लाख रुपये तक ऋण (परिवहन क्रियाकलाप के लिए 5-00 रुपये तक ऋण)
2) लघु औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए :- 5-00 लाख रुपये तक ऋण।
3) विकलांग व्यक्तियों की शिक्षा/प्रशिक्षण के लिए ऋण। भारत के भीतर अध्ययन के लिए 7-50 लाख रुपये का ऋण।
4)कृषि क्रियाकलापों के लिए 5-00 लाख रुपये तक का ऋण।
5) मानसिक रुप से अस्वस्थ, सेरेब्रल पॉलसी और ऑटिज्म से पीडित व्यक्तियों के मध्य स्व: रोजगार के लिए ऋण 3-00 लाख रुपये तक।
6) कौशल एवं उद्यमीय विकास के लिए वित्तीय सहायता।
प्र0 4- ब्याज दर क्या है?
उ0- ब्याज दर निम्न प्रकार से है :
1) 50,000 रुपये तक - 5%
2) 50,000 रुपये से अधिक और 5-00 लाख रुपये तक - 6%
3) 5-00 लाख रुपये से अधिक (शिक्षा/प्रशिक्षण हेतु ऋण) - 8%
प्र0 5- ऋण के लिए अधिकतम चुकौती अवधि क्या है और क्या ऋण पर कोई छूट है?
उ0- अधिकतम चुकौती अवधि 10 वर्ष है और एन एच एफ डी सी कोई छूट नहीं दे रहा है तथापि, विकलांग महिलाओं को ब्याज पर 1 % छूट दी गई है।
प्र0 6- यदि आवेदक किसी एक विशिष्ठ स्थान पर रहता है, क्या वह
किसी अन्य राज्य से अपना परियोजना क्रियाकलाप आरम्भ कर सकता है?
उ0- लाभभोगी को अपने क्रियाकलाप करने वाले स्थान का निवासी
होना चाहिए।
प्र0 7- यदि आवेदक मानसिक रुप से विकलांग है क्या एन एच एफ
डी सी उसे ऋण दे सकती है?
उ0- ऐसे मामलों में वित्तीय सहायता मानसिक रुप से विकलांग व्यक्ति के माता-पिता अथवा पत्नी/पति अथवा कानूनी आभिभावक के माध्यम से दी जाती है।
प्र0 8- क्या आवेदक सीधे एन एच एफ डी सी से ऋण प्राप्त
कर सकता है अथवा ऋण के लिए आवेदन प्रस्तुत करने की क्या प्रक्रिया है?
उ0- स्टेट चैनलाइजिंग एजेंसी के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र में
आवेदन प्रस्तुत किये जाने है। स्टेट चैनलाइजिंग एजेंसी/बैक द्वारा 6 लाख रुपये तक की परियोजनाएं स्वीकृत कर सकता है और 1.5 लाख रुपये से अधिक ऋण हेतु आवेदन एन एच एफ डी सी द्वारा स्वीकृत की जायेगी। पंजाब एण्ड सिंध बैंक अथवा ऑरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स बैंक की शाखाओं के माध्यम से भी परियोजनाएं भेजी जा सकती है। ये बैंक एन एच एफ डी सी के साथ संयुक्त रुप से कार्य करने की व्यवस्था कर चुके हैं।
प्र0 9- कौन से क्रियाकलापों के लिए ऋण उपलब्ध है?
उ0- वास्तविकता में किसी भी प्रकार की आर्थिक रूप से व्यवहार्य
आय सृजन क्रियाकलाप के लिए एन एच एफ डी सी से ऋण पर विचार किया जा सकता है।
प्र0 10- गैर-सरकारी संगठनों (एन जी ओ) के लिए कौन सी स्कीम
है?
उ0- गैर-सरकारी संगठनों के लिए निम्नलिखित अनुसार स्कीमें हैं -
1) एन जी ओ के माध्यम से क्रियान्वित की जाने वाली माइक्रो फाइनांसिंग स्कीम - ऋण 5-00 लाख रुपये तक।
2) एन जी ओ के माध्यम से क्रियान्वित की जाने वाली महिला समृद्धि योजना - गैर-सरकारी संगठनों के लिए 5-00 लाख रुपये तक का ऋण, 25,000/- रुपये प्रति महिला लाभभोगी।
3) मानसिक रुप से विकलांग व्यक्तियों के लिए पेरेंट्स एसोसिएशन - 5-00 लाख रुपये तक ऋण।
माइक्रो फाइनांनसिंग स्कीम भी एन एच एफ डी सी की स्टेट चैनलाइजिंग एजेंसियों के मार्फत क्रियान्वित की जाती है।